अतिथि शिक्षकों को सरकार की बड़ी राहत: री-जॉइनिंग में 90% e-Attendance की अनिवार्यता से मिली छूट!
अतिथि शिक्षकों को सरकार की बड़ी राहत: री-जॉइनिंग में 90% e-Attendance की अनिवार्यता से मिली छूट!
मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) के लिए एक बेहद राहतभरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से आ रही व्यावहारिक समस्याओं और अतिथि शिक्षकों के ज्ञापनों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रदेश सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री *श्री उदय प्रताप सिंह* जी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग प्रक्रिया में ढील दी गई है।
-📌 क्या है मुख्य फैसला?
पूर्व में लागू नियमों के तहत अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग (पुनः सेवा में लिए जाने) के लिए न्यूनतम 90% ई-अटेंडेंस (e-Attendance) होना अनिवार्य किया गया था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों, नेटवर्क की समस्या और विभिन्न व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने90% ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता (छूट) प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह फैसला सत्र 2026-27 में री-जॉइनिंग करने वाले अतिथि शिक्षकों पर लागू होगा।
💡 निर्णय के पीछे मुख्य कारण और प्रभाव
1. व्यावहारिक समस्याओं का समाधान: ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और ऐप में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई पात्र शिक्षक अपनी 90% ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाए थे।
2. शिक्षकों का आर्थिक एवं सेवा संरक्षण:* इस शिथिलता से हजारों अनुभवी अतिथि शिक्षकों का रोजगार सुरक्षित रहेगा और उन्हें बिना किसी तकनीकी बाधा के सत्र 2026-27 के लिए पुनः अवसर मिलेगा।
3. सहानुभूतिपूर्वक विचार: स्कूल शिक्षा विभाग को लगातार प्राप्त हो रहे आवेदनों और मांगों पर विचार करते हुए मुख्यमंत्री *डॉ. मोहन यादव* जी के नेतृत्व में यह छात्र व शिक्षक हितैषी निर्णय लिया गया है।
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💬 मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार
> "माननीय मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav जी के नेतृत्व में हमारी सरकार शिक्षकों के सम्मान, विद्यार्थियों के हित और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।" > — *श्री उदय प्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा मंत्री, म.प्र.)*
अतिथि शिक्षक संघ एवं समस्त शिक्षक वर्ग ने इस संवेदनशील और न्यायसंगत फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं शिक्षा मंत्री जी का सहृदय *धन्यवाद* व्यक्त किया है। 📝 निष्कर्ष
सरकार के इस कदम से स्पष्ट होता है कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षकों के मान-सम्मान और उनकी व्यावहारिक समस्याओं का निराकरण भी प्राथमिकता पर है। सत्र 2026-27 में इस राहत से हजारों परिवारों के चेहरे पर खुशी और संतोष देखने को मिलेगा।
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यह जानकारी शिक्षा मंत्री के ऑफिशियल फेसबुक हेंडल से ली गई है GUEST TEACHER HELP CENTER के माध्यम से आप तक पहुंचाई जा रही है कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने विवेक का उपयोग करे ।



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